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कलौंजी के बीज के फायदे और नुकसान | Kalonji Ke Fayde in Hindi

आशीष के बीज या कलौंजी का नाम आप सभी ने जरूर सुना होगा और इसे देखा भी होगा। दरअसल भारत में कलौंजी हर किसी व्‍यक्ति किचन में जरूर मिल जाएगी। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि कलौंजी का इस्‍तेमाल सिर्फ मसाले के रूप में ही नहीं किया जाता, बल्कि यह एक प्रकार की औषधि का भी काम करती है। कलौंजी के बीज के फायदे (Kalonji Ke Fayde) जानकर कोई भी हैरान हो सकता है।

कलौंजी के फायदे

कलौंजी क्‍या है

यह एक प्रकार का झाड़ीय पौधा होता है। रनुनकुलेसी कुल का इसका पौधा 12 इंच तक ऊंचा बढ़ सकता है। कलौंजी को आशीष के बीज’ के नाम से भी जाना जाता है। इसके साथ ही इसे काला बीज या काला जीरा का नाम भी मिला हुआ है। इसके पौधे में लगने वाले फलों के बीज ही कलौंजी कहे जाते हैं।

यह भारत के साथ दक्षिण पश्चिमी एशियाई देश, भूमध्‍य सागर के पूर्वी तटीय देशों और उत्‍तरी अफ्रीकी देशों में पाया जाता है।

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कलौंजी के अन्‍य नाम

कलौंजी को कलयुग की संजीवनी बूटी भी कहा जाता है। दरअसल कलौंजी या काले बीजों को सबसे महत्‍वपूर्ण चिकित्‍सकीय हर्ब माना जाता है। अलग-अलग भाषाओं में इसके अलग-अलग नाम इस प्रकार हैं…

  • अंग्रेजी में फेनेल फ्लावर, नटमेग फ्लावर, रोमन कारिएंडर, Nigella seeds
  • संस्कृत में कृष्णजीरा
  • उर्दू में كلونجى (कलौंजी)
  • बांग्ला में कालाजीरो
  • मलयालम में करीम जीराकम
  • रूसी में चेरनुक्षा
  • फारसी में शोनीज
  • तमिल में करून जीरागम
  • तेलुगु में नल्ला जीरा कारा

कलौंजी का वैज्ञानिक नाम और प्रजातियां

कलौंजी का वैज्ञ‍ानिक नाम NIGELLA SATIVA है। वैसे तो इसकी कुल 14 प्रजातियां हैं जिनमें से कुछ मुख्‍य इस प्रकार हैं…

कलौंजी की प्रजातियां

  • Nigella arvensis
  • Nigella ciliaris
  • Nigella damascena
  • Nigella hispanica
  • Nigella integrifolia
  • Nigella nigellastrum
  • Nigella orientalis
  • Nigella sativa

कलौंजी में पाए जाने वाले पोषक तत्‍व

कलौंजी को पोषक तत्‍वों का भंडार माना जाता है। इसमें 35 फीसदी कार्बोहाइड्रेट, 21 फीसदी प्रोटीन और 35 से 38 फीसदी तक वसा होती है। कलौंजी के बीज में क्रूड फाइबर, अमीनो एसिड, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और सोडियम पाया जाता है। इसके साथ ही कलौंजी में कई प्रकार के विटामिन जैसे विटामिन ए, बी, सी, बी12 और नियासिन भी पाए जाते हैं। कलौंजी में 100 से भी ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण पोषक तत्‍व पाए जाते हैं।

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कलौंजी के फायदे और नुकसान

यहां हम पहले बात करते हैं कलौंजी के फायदे क्‍या हैं, इसके बारे में। दरअसल कलौंजी को औषिधीय गुणों का खजाना माना जाता है। यह कई छोटी-छोटी बिमारियों से लेकर बड़ी और घातक बिमारियों में भी असरदार साबित होती है। लेकिन इसका प्रयोग हमेशा विशेषज्ञ से राय लेने के बाद ही करना चाहिए। आइए जानते हैं क्‍या हैं कलौंजी के फायदे…

कलौंजी से कम होता है कोलेस्‍ट्रॉल

कलौंजी के सेवन से कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या से राहत मिलती है। दरअसल यदि किसी को हाई कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या है तो उसे कलौंजी का सेवन जरूर करना चाहिए।

बढ़ते वजन की समस्‍या से छुटकारा

अगर कोई व्‍‍यक्ति बढ़ते वजन की समस्‍या से परेशान है तो उसे कलौंजी का उपयोग शुरू कर देना चाहिए। दरअसल इसमें एंटी-ओबेसिटी का प्रभाव मिलता है, जो वजन कम करने में सहायक माना गया है।

डायबिटीज में फायदेमंद

कलौंजी के सेवन से डायबिटीज के मरीजों को भी फायदा होता है। दरअसल रोजाना दो ग्राम कलौंजी के सेवन से तेज हो रहा ग्‍लूकोज कम होता है। इसके साथ ही इसके सेवन से बीटा सेल की कार्यप्रणाली में भी वृद्धि होती है।

याद्दाश्‍त के‍ लिए फायदेमंद

अगर किसी की स्‍मरण शक्ति कमजोर है तो उस व्‍यक्ति को कलौंजी का सेवन जरूर करना चाहिए। बुजुर्गों के साथ यह युवाओं के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है।

हार्ट की समस्‍याओं में कलौंजी के फायदे

आयुर्वेद के मुताबिक, अगर कलौंजी का सेवन गाय या बकरी के दूध के साथ किया जाए, तो हार्ट संबंधी समस्‍याओं में राहत मिलती है।

अस्‍थमा में कलौंजी के फायदे

कलौंजी अस्‍थमा के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है। लगातार दो महीने इसका सेवन करने से अस्‍थमा के मरीजों को काफी हद तक लाभ मिलता है।

आंखों की रोशनी बढ़ाती है कलौंजी

अगर किसी को आंखों से संबंधित समस्‍याएं हैं तो कलौंजी के सेवन से आपको राहत मिल सकती है। आंखों से पानी आना या आंखों का लाल हो जाना, कलौंजी का सेवन इन समस्‍याओं को दूर कर देता है। इसके साथ ही कलौंजी के सेवन से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

मिर्गी के दौरे में फायदेमंद

मिर्गी के रोगियों के लिए भी कलौंजी फायदेमंद है। एक अध्‍ययन के अनुसार मिर्गी से पीडि़त रोगी को कलौंजी के सत्‍व का सेवन करना चाहिए।

स्किन समस्‍याओं में कलौंजी के फायदे

स्किन संबंधी समस्‍याओं में कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल के साथ मिलाकर लगाने से फायदा होता है। इसके इस्‍तेमाल से आपकी त्‍वचा में गजब का निखार आ सकता है।

खून बढ़ाती है कलौंजी

कलौंजी शरीर में खून भी बढ़ाती है। एक अध्‍ययन के मुताबि‍क, एक कप पानी में 50 ग्राम हरा पुदीना और आधा चम्‍मच कलौंजी का तेल मिलाकर उबाल लें। इसका सुबह खाली पेट और रात का सोते समय 21 दिनों तक सेवन करने से खून की कमी दूर की जा सकती है।

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कलौंजी के नुकसान

गर्भवती महिलाओं को कलौंजी का सेवन नहीं करना चाहिए।

कलौंजी का ज्‍यादा सेवन चोट लगने पर रक्‍तस्‍त्राव की समस्‍या खड़ी कर सकता है।

महिलाओं को पीरियड देर से आने या जल्‍दी आने की समस्‍या हो तो इसका सेवन बिल्‍कुल न करें।

FAQ’s

Q. : कलौंजी का दूसरा नाम क्‍या है?

Ans. : कलौंजी को आशीष के बीज नाम से भी जाना जाता है। अलग-अलग भाषाओं में इसके अलग-अलग नाम हैं, जैसे संस्कृत में कृष्णजीरा तो तमिल में इसे करून जीरागम कहा जाता है।

Q. : कलौंजी की तासीर क्‍या है?

Ans. : कलौंजी की तासीर गर्म होती है। इसलिए गर्मियों के मुकाबले इसका सेवन सर्दियों में करना चाहिए।

Q. : कलौंजी का भाव (कीमत) क्‍या है?

Ans. : कलौंजी का भाव मार्केट के हिसाब से रोजाना तय किया जाता है। इसमें उतार चढ़ाव बना रहता है। साधारण तौर पर देखा जाए तो यह आपको 1000 रुपए प्रतिकिलो के भाव में मिल सकती है।

नोट : यह लेख सिर्फ शैक्षिक उद्देश्‍य के लिए है, अत: लेख में दी गई जानकारी को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्‍य लें।

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